तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ (4 में से 3)
तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Lā ilāha illā anta subḥānaka”, और इसका अर्थ है: “तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू पाक है”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/529, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Lā ilāha illā anta subḥānaka innī kuntu minaẓ-ẓālimīn.
हिंदी अर्थ
तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू पाक है। बेशक मैं ज़ालिमों में से था।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 5/529।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Lā ilāha illā anta subḥānaka”, और इसका अर्थ है: “तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू पाक है”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/529, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू पाक है। बेशक मैं ज़ालिमों में से था।
“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Lā ilāha illā anta subḥānaka innī kuntu minaẓ-ẓālimīn.
“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
At-Tirmidhi 5/529। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
संबंधित दुआएँ
- तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआلَا إلَهَ إِلَّا اللَّهُअल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह बड़ा ग़ालिब, बुर्दबार है। अल्लाह के सिवा कोई इब…
- तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआاللّهُمَّ رَحْمَتَكَ أَرْجوऐ अल्लाह! मैं तेरी रहमत की उम्मीद रखता हूँ। मुझे पलक झपकने (यानी एक लम्हे) के लिए भी मेरे …
- तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआاللهُ اللهُ رَبِّي لا أُشْرِكُ بِهِ شَيْئاًअल्लाह, अल्लाह मेरा रब है। मैं उसके साथ किसी को शरीक नहीं करता।
- फ़िक्र और ग़म की दुआاللّهُمَّ إِنِّي عَبْدُكَऐ अल्लाह! मैं तेरा बंदा हूँ, तेरे बंदे का बेटा, और तेरी बांदी का बेटा। मेरी पेशानी तेरे हा…