तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ (4 में से 4)

तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।

“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāh, Allāhu Rabbī lā ushriku bihi shay'a”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह, अल्लाह मेरा रब है। मैं उसके साथ किसी को शरीक नहीं करता”। स्रोत: Abu Dawud 2/87, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ: अरबी पाठ

اللهُ اللهُ رَبِّي لا أُشْرِكُ بِهِ شَيْئاً

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāh, Allāhu Rabbī lā ushriku bihi shay'a.

हिंदी अर्थ

अल्लाह, अल्लाह मेरा रब है। मैं उसके साथ किसी को शरीक नहीं करता।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 2/87।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāh, Allāhu Rabbī lā ushriku bihi shay'a”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह, अल्लाह मेरा रब है। मैं उसके साथ किसी को शरीक नहीं करता”। स्रोत: Abu Dawud 2/87, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह, अल्लाह मेरा रब है। मैं उसके साथ किसी को शरीक नहीं करता।

“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāh, Allāhu Rabbī lā ushriku bihi shay'a.

“तकलीफ़ में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Abu Dawud 2/87। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: परेशानी, चिंता और हिफ़ाज़त · सभी दुआएँ