किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ

किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Afṭara `indakumuṣ-ṣā'imūn”, और इसका अर्थ है: “आपके यहाँ रोज़ेदारों ने इफ़्तार किया”। स्रोत: Abu Dawud 3/367, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ: अरबी पाठ

أَفْطَرَ عِنْدَكُم الصّائِمونَوَأَكَلَ طَعامَكُمُ الأبْرار،وَصَلَّتْ عَلَيْكُمُ الملائِكَة

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Afṭara `indakumuṣ-ṣā'imūn, wa akala ṭa`āmakumu ‘l-'abrār, wa ṣallat `alaykumu ‘l-malā'ikah.

हिंदी अर्थ

आपके यहाँ रोज़ेदारों ने इफ़्तार किया, आपने नेक लोगों को खाना खिलाया, और फ़रिश्ते आप पर रहमत की दुआ करते हैं।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 3/367।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Afṭara `indakumuṣ-ṣā'imūn”, और इसका अर्थ है: “आपके यहाँ रोज़ेदारों ने इफ़्तार किया”। स्रोत: Abu Dawud 3/367, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

आपके यहाँ रोज़ेदारों ने इफ़्तार किया, आपने नेक लोगों को खाना खिलाया, और फ़रिश्ते आप पर रहमत की दुआ करते हैं।

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Afṭara `indakumuṣ-ṣā'imūn, wa akala ṭa`āmakumu ‘l-'abrār, wa ṣallat `alaykumu ‘l-malā'ikah.

“किसी के घर रोज़ा खोलने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Abu Dawud 3/367। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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