नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ
नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm”, और इसका अर्थ है: “(कहें:) मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Muslim 4/1729, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm.
हिंदी अर्थ
(कहें:) मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ (फिर अपनी बाईं ओर हल्की-सी थूक के साथ फूँकें)। (यह अरबी में पढ़कर तीन बार करें।)
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/1729।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm”, और इसका अर्थ है: “(कहें:) मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Muslim 4/1729, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
(कहें:) मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ (फिर अपनी बाईं ओर हल्की-सी थूक के साथ फूँकें)। (यह अरबी में पढ़कर तीन बार करें।).
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm.
“नमाज़ या तिलावत में वसवसों से परेशान शख़्स की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 4/1729। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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