सूरह Al-Fajr الفجر

30 आयतें · मक्की

सूरह Al-Fajr में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Fajr क़ुरआन की 114 सूरतों में 89वीं सूरह है और इसमें 30 आयतें हैं। इसे मक्की माना जाता है।

सूरह का क्रम
89 / 114
आयतें
30
वर्गीकरण
मक्की

29 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया. Tanzil Project (tanzil.net), quran-json.

यह सूरह किताब में पढ़ें →

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلْفَجْرِ ١

क़सम है फ़ज्र (उषाकाल) की!

وَلَيَالٍ عَشْرٍ ٢

तथा दस रातों की!

وَٱلشَّفْعِ وَٱلْوَتْرِ ٣

और सम (जोड़े) और विषम (अकेले) की!

وَٱلَّيْلِ إِذَا يَسْرِ ٤

और रात की, जब वह चलती है!

هَلْ فِى ذَٰلِكَ قَسَمٌ لِّذِى حِجْرٍ ٥

निश्चय इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी क़सम है?[1]

टिप्पणियाँ

[1] (1-5) इन आयतों में सबसे पहले चार चीजों की क़सम खाई गई है, जिन्हें परलोक में कर्मों के फल के सबूत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जिस का अर्थ यह है कि कर्मों का फल सत्य है। जिस व्यवस्था से यह दिन-रात चल रहा है उससे सिद्ध होता है कि अल्लाह ही इसे चला रहा है। "दस रात्रियों" से अभिप्राय "ज़ुल ह़िज्जा" मास की प्रारंभिक दस रातें हैं। सह़ीह़ ह़दीसों में इनकी बड़ी प्रधानता बताई गई है।

أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍ ٦

क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने "आद" के साथ किस तरह किया?

إِرَمَ ذَاتِ ٱلْعِمَادِ ٧

(वे आद) जो स्तंभों वाले 'इरम' (गोत्र के लोग) थे।

ٱلَّتِى لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِى ٱلْبِلَٰدِ ٨

जिनके समान (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा नहीं किया गया।

وَثَمُودَ ٱلَّذِينَ جَابُوا۟ ٱلصَّخْرَ بِٱلْوَادِ ٩

तथा 'समूद' के साथ (किस तरह किया) जिन्होंने वादी में चट्टानों को तराशा।

وَفِرْعَوْنَ ذِى ٱلْأَوْتَادِ ١٠

और मेखों वाले फ़िरऔन के साथ (किस तरह किया)।

ٱلَّذِينَ طَغَوْا۟ فِى ٱلْبِلَٰدِ ١١

वे लोग, जो नगरों में हद से बढ़ गए।

فَأَكْثَرُوا۟ فِيهَا ٱلْفَسَادَ ١٢

और उनमें बहुत अधिक उपद्रव फैलाया।

فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍ ١٣

तो तेरे पालनहार ने उनपर यातना का कोड़ा बरसाया।

إِنَّ رَبَّكَ لَبِٱلْمِرْصَادِ ١٤

निःसंदेह तेरा पालनहार निश्चय घात में है।[2]

टिप्पणियाँ

[2] (6-14) इन आयतों में उन जातियों की चर्चा की गई है, जिन्होंने माया मोह में पड़कर परलोक और प्रतिफल का इनकार किया, और अपने नैतिक पतन के कारण धरती में उग्रवाद किया। "आद, इरम" से अभिप्रेत वह पुरानी जाति है जिसे क़ुरआन तथा अरब में "आदे ऊला" (प्रथम आद) कहा गया है। यह वह प्राचीन जाति है जिसके पास हूद (अलैहिस्सलाम) को भेजा गया। और इनको "आदे इरम" इस लिए कहा गया है कि यह शामी वंशक्रम की उस शाखा से संबंधित थे जो इरम बिन शाम बिन नूह़ से चली आती थी। आयत संख्या 11 में इसका संकेत है कि उग्रवाद का उद्गम भौतिकवाद एवं सत्य विश्वास का इनकार है, जिसे वर्तमान युग में भी प्रत्यक्ष रूप में देखा जा सकता है।

فَأَمَّا ٱلْإِنسَٰنُ إِذَا مَا ٱبْتَلَىٰهُ رَبُّهُۥ فَأَكْرَمَهُۥ وَنَعَّمَهُۥ فَيَقُولُ رَبِّىٓ أَكْرَمَنِ ١٥

लेकिन मनुष्य (का हाल यह है कि) जब उसका पालनहार उसका परीक्षण करे, फिर उसे सम्मानित करे और नेमत प्रदान करे, तो कहता है कि मेरे पालनहार ने मुझे सम्मानित किया।

وَأَمَّآ إِذَا مَا ٱبْتَلَىٰهُ فَقَدَرَ عَلَيْهِ رِزْقَهُۥ فَيَقُولُ رَبِّىٓ أَهَٰنَنِ ١٦

लेकिन जब वह उसका परीक्षण करे, फिर उसपर उसकी रोज़ी तंग कर दे, तो कहता कि मेरे पालनहार ने मुझे अपमानित किया।

كَلَّا بَل لَّا تُكْرِمُونَ ٱلْيَتِيمَ ١٧

हरगिज़ ऐसा नहीं, बल्कि तुम अनाथ का सम्मान नहीं करते।

وَلَا تَحَٰٓضُّونَ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ١٨

तथा तुम एक-दूसरे को ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हो।

وَتَأْكُلُونَ ٱلتُّرَاثَ أَكْلًا لَّمًّا ١٩

और तुम मीरास का सारा धन समेटकर खा जाते हो।

وَتُحِبُّونَ ٱلْمَالَ حُبًّا جَمًّا ٢٠

और तुम धन से बहुत अधिक प्रेम करते हो।[3]

टिप्पणियाँ

[3] (15-20) इन आयतों में समाज की साधारण नैतिक स्थिति का सर्वेक्षण किया गया है, और भौतिकवादी विचार की आलोचना की गई है, जो मात्र सांसारिक धन और मान मर्यादा को सम्मान तथा अपमान का पैमाना समझता है और यह भूल गया है कि न धनी होना कोई पुरस्कार है और न निर्धन होना कोई दंड है। अल्लाह दोनों स्थितियों में मानवजाति की परीक्षा ले रहा है। फिर यह बात किसी के बस में हो तो दूसरे का धन भी हड़प कर जाए, क्या ऐसा करना कुकर्म नहीं जिसका ह़िसाब लिया जाना चाहिए?

كَلَّآ إِذَا دُكَّتِ ٱلْأَرْضُ دَكًّا دَكًّا ٢١

हरगिज़ नहीं! जब धरती कूट-कूटकर चूर्ण-विचूर्ण कर दी जाएगी।

وَجَآءَ رَبُّكَ وَٱلْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا ٢٢

और तेरा पालनहार आएगा और फ़रिश्ते जो पंक्तियों में होंगे।

وَجِا۟ىٓءَ يَوْمَئِذٍۭ بِجَهَنَّمَ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ ٱلْإِنسَٰنُ وَأَنَّىٰ لَهُ ٱلذِّكْرَىٰ ٢٣

और उस दिन नरक लाई जाएगी। उस दिन इनसान याद करेगा। लेकिन उस दिन याद करना उसे कहाँ से लाभ देगा।

يَقُولُ يَٰلَيْتَنِى قَدَّمْتُ لِحَيَاتِى ٢٤

वह कहेगा : ऐ काश! मैंने अपने (इस) जीवन के लिए कुछ आगे भेजा होता।

فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُۥٓ أَحَدٌ ٢٥

चुनाँचे उस दिन उस (अल्लाह) के दंड जैसा दंड कोई नहीं देगा।

وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُۥٓ أَحَدٌ ٢٦

और न उसके बाँधने जैसा कोई बाँधेगा।[4]

टिप्पणियाँ

[4] (21-26) इन आयतों मे बताया गया है कि धन पूजने और उससे परलोक न बनाने का दुष्परिणाम नरक की घोर यातना के रूप में सामने आएगा, तब भौतिकवादी कुकर्मियों की समझ में आएगा कि क़ुरआन को न मानकर बड़ी भूल हुई और हाथ मलेंगे।

يَٰٓأَيَّتُهَا ٱلنَّفْسُ ٱلْمُطْمَئِنَّةُ ٢٧

ऐ संतुष्ट आत्मा!

ٱرْجِعِىٓ إِلَىٰ رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةً ٢٨

अपने पालनहार की ओर लौट चल, इस हाल में कि तू उससे प्रसन्न है, उसके निकट पसंदीदा है।

فَٱدْخُلِى فِى عِبَٰدِى ٢٩

अतः तू मेरे बंदों में प्रवेश कर जा।

وَٱدْخُلِى جَنَّتِى ٣٠

और मेरी जन्नत में प्रवेश कर जा।[5]

टिप्पणियाँ

[5] (27-30) इन आयतों में उनके सुख और सफलता का वर्णन किया गया है, जो क़ुरआन की शिक्षा का अनुपालन करते हुए आत्मा की शांति के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

ऑनलाइन क़ुरआन पढ़ने के बारे में सवाल

क्या सूरह Al-Fajr मक्की है या मदनी?

इस रीडर के डेटा (Tanzil) में सूरह Al-Fajr को मक्की माना गया है।

सूरह Al-Fajr से पहले और बाद में कौन-सी सूरतें आती हैं?

यह Al-Ghashiyah के बाद और Al-Balad से पहले आती है।

क्या मैं सूरह Al-Fajr अपनी भाषा में पढ़ सकता हूँ?

जी हाँ। पाठ के ऊपर से 81 भाषाओं के 130 अनुवादों में से कोई चुनें, या सिर्फ़ अरबी पाठ पढ़ें।

क्या मैं सूरह Al-Fajr सुन सकता हूँ?

जी हाँ। आयत-दर-आयत सुनने के लिए «सूरह सुनें» दबाएँ, या किसी आयत के पास प्ले बटन। 50 क़ारियों में से किसी एक को चुनें; रिकॉर्डिंग EveryAyah.com से तभी स्ट्रीम होती है जब आप प्ले दबाते हैं।

अरबी पाठ: Tanzil Project (tanzil.net), ज्यों का त्यों। अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari (QuranEnc.com, version 1.1.5), बिना किसी बदलाव के। डेटा: quran-json (CC BY-SA 4.0). तिलावतें: EveryAyah.com (सिर्फ़ तब स्ट्रीम होती हैं जब आप प्ले दबाते हैं)। स्रोत और लाइसेंस