हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ (2 में से 1)

हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।

“हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh!”, और इसका अर्थ है: “(अल्लाह पाक है।)”। स्रोत: Muslim 4/1857, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ: अरबी पाठ

سُبْحانَ الله

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Subḥānallāh!

हिंदी अर्थ

(अल्लाह पाक है।)

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/1857।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh!”, और इसका अर्थ है: “(अल्लाह पाक है।)”। स्रोत: Muslim 4/1857, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

(अल्लाह पाक है।).

“हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānallāh!

“हैरत और ख़ुशी के समय की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/1857। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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