तिलावत के सज्दे की दुआ (2 में से 1)

तिलावत के सज्दे की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“तिलावत के सज्दे की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तिलावत के सज्दे की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Sajada wajhiya lilladhī khalaqahu”, और इसका अर्थ है: “मैंने अपना चेहरा उस ज़ात के लिए सज्दे में रख दिया जिसने उसे पैदा किया”। स्रोत: At-Tirmidhi 2/474, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तिलावत के सज्दे की दुआ: अरबी पाठ

سَجَدَ وَجْهي للَّذي خَلَقَهُوَشَقَّ سَمْعَهُ وَبَصَرَهُ بِحَوْلِهِ وَقُوَّتِهِ﴿فتَبارَكَ اللهُ أَحْسَنُ الخالِقين﴾

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Sajada wajhiya lilladhī khalaqahu, wa shaqqa sam`ahu wa baṣarahu biḥawlihi wa quwwatihi. Fatabārakallāhu 'aḥsanul-khāliqīn.

हिंदी अर्थ

मैंने अपना चेहरा उस ज़ात के लिए सज्दे में रख दिया जिसने उसे पैदा किया और अपनी क़ुदरत और ताक़त से उसे सुनने और देखने की शक्ति दी। अल्लाह बाबरकत है, सबसे बेहतर पैदा करने वाला।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तिलावत के सज्दे की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 2/474।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तिलावत के सज्दे की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तिलावत के सज्दे की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Sajada wajhiya lilladhī khalaqahu”, और इसका अर्थ है: “मैंने अपना चेहरा उस ज़ात के लिए सज्दे में रख दिया जिसने उसे पैदा किया”। स्रोत: At-Tirmidhi 2/474, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तिलावत के सज्दे की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

मैंने अपना चेहरा उस ज़ात के लिए सज्दे में रख दिया जिसने उसे पैदा किया और अपनी क़ुदरत और ताक़त से उसे सुनने और देखने की शक्ति दी। अल्लाह बाबरकत है, सबसे बेहतर पैदा करने वाला।

“तिलावत के सज्दे की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Sajada wajhiya lilladhī khalaqahu, wa shaqqa sam`ahu wa baṣarahu biḥawlihi wa quwwatihi. Fatabārakallāhu 'aḥsanul-khāliqīn.

“तिलावत के सज्दे की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

At-Tirmidhi 2/474। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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