बारिश के बाद की दुआ

बारिश के बाद की दुआ। बारिश, बादल की गरज, आँधी और नया चाँद।

“बारिश के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बारिश के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Muṭirnā bifaḍlillāhi wa raḥmatih”, और इसका अर्थ है: “हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत से बारिश हुई”। स्रोत: Al-Bukhari 1/205, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

बारिश के बाद की दुआ: अरबी पाठ

مُطِرْنا بِفَضْلِ اللهِ وَرَحْمَتِه

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Muṭirnā bifaḍlillāhi wa raḥmatih.

हिंदी अर्थ

हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत से बारिश हुई।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “बारिश के बाद की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 1/205।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“बारिश के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बारिश के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Muṭirnā bifaḍlillāhi wa raḥmatih”, और इसका अर्थ है: “हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत से बारिश हुई”। स्रोत: Al-Bukhari 1/205, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“बारिश के बाद की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत से बारिश हुई।

“बारिश के बाद की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Muṭirnā bifaḍlillāhi wa raḥmatih.

“बारिश के बाद की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 1/205। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: बारिश और मौसम · सभी दुआएँ