बारिश माँगने की दुआ (3 में से 1)
बारिश माँगने की दुआ। बारिश, बादल की गरज, आँधी और नया चाँद।
“बारिश माँगने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “बारिश माँगने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘asqinā ghaythan mughīthan marī'an murī`a”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! हम पर ख़ूब बारिश बरसा, नफ़ा देने वाली, नुक़सान न पहुँचाने वाली, जल्दी और बिना देर के”। स्रोत: Abu Dawud 1/303, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
बारिश माँगने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma ‘asqinā ghaythan mughīthan marī'an murī`a, nāfi`an ghayra ḍārr, `ājilan ghayra ājil.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! हम पर ख़ूब बारिश बरसा, नफ़ा देने वाली, नुक़सान न पहुँचाने वाली, जल्दी और बिना देर के।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “बारिश माँगने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 1/303।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“बारिश माँगने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “बारिश माँगने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘asqinā ghaythan mughīthan marī'an murī`a”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! हम पर ख़ूब बारिश बरसा, नफ़ा देने वाली, नुक़सान न पहुँचाने वाली, जल्दी और बिना देर के”। स्रोत: Abu Dawud 1/303, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“बारिश माँगने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! हम पर ख़ूब बारिश बरसा, नफ़ा देने वाली, नुक़सान न पहुँचाने वाली, जल्दी और बिना देर के।
“बारिश माँगने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma ‘asqinā ghaythan mughīthan marī'an murī`a, nāfi`an ghayra ḍārr, `ājilan ghayra ājil.
“बारिश माँगने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Abu Dawud 1/303। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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