बादल की गरज सुनकर की दुआ

बादल की गरज सुनकर की दुआ। बारिश, बादल की गरज, आँधी और नया चाँद।

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Subḥāna ‘l-ladhī yusabbiḥur-ra`du bi ḥamdihi”, और इसका अर्थ है: “पाक है वह ज़ात जिसकी तस्बीह बादल की गरज और फ़रिश्ते उसके ख़ौफ़ से करते हैं”। यह हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

बादल की गरज सुनकर की दुआ: अरबी पाठ

سُبْحانَ الّذي يُسَبِّحُ الرَّعْدُ بِحَمْدِهِ،وَالملائِكةُ مِنْ خيفَته

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Subḥāna ‘l-ladhī yusabbiḥur-ra`du bi ḥamdihi wa ‘l-malā'ikatu min khīfatih.

हिंदी अर्थ

पाक है वह ज़ात जिसकी तस्बीह बादल की गरज और फ़रिश्ते उसके ख़ौफ़ से करते हैं।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “बादल की गरज सुनकर की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Subḥāna ‘l-ladhī yusabbiḥur-ra`du bi ḥamdihi”, और इसका अर्थ है: “पाक है वह ज़ात जिसकी तस्बीह बादल की गरज और फ़रिश्ते उसके ख़ौफ़ से करते हैं”। यह हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

पाक है वह ज़ात जिसकी तस्बीह बादल की गरज और फ़रिश्ते उसके ख़ौफ़ से करते हैं।

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥāna ‘l-ladhī yusabbiḥur-ra`du bi ḥamdihi wa ‘l-malā'ikatu min khīfatih.

“बादल की गरज सुनकर की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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