आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ (11 में से 1)

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabri”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, जहन्नम की आग के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों…”। स्रोत: Al-Bukhari 2/102, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ: अरबी पाठ

اللّهُمَّ إِنِّي أَعوذُ بِكَ مِنْ عَذابِ القَبْر،وَمِنْ عَذابِ جَهَنَّم،وَمِنْ فِتْنَةِ المَحْيا وَالمَمات،وَمِنْ شَرِّ فِتْنَةِ المَسيحِ الدَّجّال

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabri, wa min `adhābi jahannam, wa min fitnati ‘l-maḥyā wa ‘l-mamāti, wa min sharri fitnati ‘l-masīḥid-dajjāl.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, जहन्नम की आग के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों से, और मसीह दज्जाल के फ़ितने की बुराई से।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 2/102।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabri”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, जहन्नम की आग के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों…”। स्रोत: Al-Bukhari 2/102, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, जहन्नम की आग के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों से, और मसीह दज्जाल के फ़ितने की बुराई से।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabri, wa min `adhābi jahannam, wa min fitnati ‘l-maḥyā wa ‘l-mamāti, wa min sharri fitnati ‘l-masīḥid-dajjāl.

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 2/102। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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