आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ (11 में से 5)
आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘a`innī `alā dhikrika, wa shukrika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! अपना ज़िक्र करने, तेरा शुक्र अदा करने”। स्रोत: Abu Dawud 2/86, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma ‘a`innī `alā dhikrika, wa shukrika, wa ḥusni `ibādatik.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! अपना ज़िक्र करने, तेरा शुक्र अदा करने और बेहतरीन तरीक़े से तेरी इबादत करने में मेरी मदद फ़रमा।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 2/86।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ‘a`innī `alā dhikrika, wa shukrika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! अपना ज़िक्र करने, तेरा शुक्र अदा करने”। स्रोत: Abu Dawud 2/86, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! अपना ज़िक्र करने, तेरा शुक्र अदा करने और बेहतरीन तरीक़े से तेरी इबादत करने में मेरी मदद फ़रमा।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma ‘a`innī `alā dhikrika, wa shukrika, wa ḥusni `ibādatik.
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Abu Dawud 2/86। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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