आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ (11 में से 2)

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma 'innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabr”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से”। स्रोत: Al-Bukhari 1/202, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ: अरबी पाठ

اللّهُمَّ إِنِّي أَعوذُ بِكَ مِنْ عَذابِ القَبْر،وَأَعوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ المَسيحِ الدَّجّال،أَعوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ المَحْيا وَالمَمات.اللّهُمَّ إِنِّي أَعوذُ بِكَ مِنَ المَأْثَمِ وَالمَغْرَم

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma 'innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabr, wa ‘a`ūdhu bika min fitnati ‘l-masīḥid-dajjāl, wa ‘a`ūdhu bika min fitnati ‘l-maḥyā wa ‘l-mamāt. Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika mina ‘l-m’athami wa ‘l-maghram.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, और तेरी पनाह माँगता हूँ मसीह दज्जाल के फ़ितने से, और तेरी पनाह माँगता हूँ ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों से। ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ गुनाह से और क़र्ज़ से।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 1/202।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma 'innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabr”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से”। स्रोत: Al-Bukhari 1/202, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ क़ब्र के अज़ाब से, और तेरी पनाह माँगता हूँ मसीह दज्जाल के फ़ितने से, और तेरी पनाह माँगता हूँ ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों से। ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ गुनाह से और क़र्ज़ से।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma 'innī ‘a`ūdhu bika min `adhābi ‘l-qabr, wa ‘a`ūdhu bika min fitnati ‘l-masīḥid-dajjāl, wa ‘a`ūdhu bika min fitnati ‘l-maḥyā wa ‘l-mamāt. Allāhumma ‘innī ‘a`ūdhu bika mina ‘l-m’athami wa ‘l-maghram.

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 1/202। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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