आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ (11 में से 10)
आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī as'aluka bi'anna laka ‘l-ḥamd”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तुझसे सवाल करता हूँ, क्योंकि तू ही तारीफ़ का मालिक है”। स्रोत: Ibn Majah 2/329, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma innī as'aluka bi'anna laka ‘l-ḥamd, lā ilāha illā ant, waḥdaka lā sharīka lak, al-Mannān, yā Badī`as-samāwāti wa ‘l-arḍ yā dha ‘l-Jalāli wa ‘l-'Ikrām, yā ḥayyu yā Qayyūm, innī as'aluka ‘l-jannah, wa a`ūdhu bika minan-nār.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे सवाल करता हूँ, क्योंकि तू ही तारीफ़ का मालिक है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू अकेला है, तेरा कोई साझी नहीं। तू ही हर भलाई देने वाला है। ऐ आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले, जलाल और इकराम के मालिक! ऐ हमेशा ज़िंदा और क़ायम रहने वाले, मैं तुझसे जन्नत माँगता हूँ और तेरी पनाह माँगता हूँ आग से।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ibn Majah 2/329।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī as'aluka bi'anna laka ‘l-ḥamd”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तुझसे सवाल करता हूँ, क्योंकि तू ही तारीफ़ का मालिक है”। स्रोत: Ibn Majah 2/329, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे सवाल करता हूँ, क्योंकि तू ही तारीफ़ का मालिक है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू अकेला है, तेरा कोई साझी नहीं। तू ही हर भलाई देने वाला है। ऐ आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले, जलाल और इकराम के मालिक! ऐ हमेशा ज़िंदा और क़ायम रहने वाले, मैं तुझसे जन्नत माँगता हूँ और तेरी पनाह माँगता हूँ आग से।
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma innī as'aluka bi'anna laka ‘l-ḥamd, lā ilāha illā ant, waḥdaka lā sharīka lak, al-Mannān, yā Badī`as-samāwāti wa ‘l-arḍ yā dha ‘l-Jalāli wa ‘l-'Ikrām, yā ḥayyu yā Qayyūm, innī as'aluka ‘l-jannah, wa a`ūdhu bika minan-nār.
“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ibn Majah 2/329। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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