आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ (11 में से 6)

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma 'innī ‘a`udhu bika mina ‘l-bukhl”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ कंजूसी से”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ: अरबी पाठ

اللّهُمَّ إِنِّي أَعوذُ بِكَ مِنَ البُخْل،وَأَعوذُ بِكَ مِنَ الجُبْن،وَأَعوذُ بِكَ مِنْ أَنْ أُرَدَّ إِلى أَرْذَلِ العُمُر،وَأََعوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الدُّنْيا وَعَذابِ القَبْر

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma 'innī ‘a`udhu bika mina ‘l-bukhl, wa ‘a`udhu bika mina ‘l-jubn, wa ‘a`udhu bika min ‘an ‘uradda ilā ‘ardhali ‘l-`umur, wa ‘a`udhu bika min fitnatid-dunyā wa `adhābi ‘l-qabr.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ कंजूसी से, तेरी पनाह माँगता हूँ बुज़दिली से, और तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि मुझे नाताक़त बुढ़ापे की ओर लौटाया जाए। मैं तेरी पनाह माँगता हूँ दुनिया के फ़ितनों और क़ब्र के अज़ाब से।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 11 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma 'innī ‘a`udhu bika mina ‘l-bukhl”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ कंजूसी से”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ कंजूसी से, तेरी पनाह माँगता हूँ बुज़दिली से, और तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि मुझे नाताक़त बुढ़ापे की ओर लौटाया जाए। मैं तेरी पनाह माँगता हूँ दुनिया के फ़ितनों और क़ब्र के अज़ाब से।

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma 'innī ‘a`udhu bika mina ‘l-bukhl, wa ‘a`udhu bika mina ‘l-jubn, wa ‘a`udhu bika min ‘an ‘uradda ilā ‘ardhali ‘l-`umur, wa ‘a`udhu bika min fitnatid-dunyā wa `adhābi ‘l-qabr.

“आख़िरी तशह्हुद के बाद, सलाम से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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