सूरह Al-Ma'arij المعارج

44 आयतें · मक्की

सूरह Al-Ma'arij में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Ma'arij क़ुरआन की 114 सूरतों में 70वीं सूरह है और इसमें 44 आयतें हैं। इसे मक्की माना जाता है।

सूरह का क्रम
70 / 114
आयतें
44
वर्गीकरण
मक्की

29 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया. Tanzil Project (tanzil.net), quran-json.

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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

سَأَلَ سَآئِلٌۢ بِعَذَابٍ وَاقِعٍ ١

एक माँगने वाले[1] ने वह यातना माँगी, जो घटित होने वाली है।

टिप्पणियाँ

[1] कहा जाता है नज़्र पुत्र ह़ारिस अथवा अबू जह्ल ने यह माँग की थी कि "ऐ अल्लाह! यदि यह सत्य है तेरी ओर से तो तू हमपर आकाश से पत्थर बरसा दे।" (देखिए : सूरतुल-अन्फाल, आयतः 32)

لِّلْكَٰفِرِينَ لَيْسَ لَهُۥ دَافِعٌ ٢

काफ़िरों पर। उसे कोई टालने वाला नहीं।

مِّنَ ٱللَّهِ ذِى ٱلْمَعَارِجِ ٣

ऊँचाइयों वाले अल्लाह की ओर से।

تَعْرُجُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ إِلَيْهِ فِى يَوْمٍ كَانَ مِقْدَارُهُۥ خَمْسِينَ أَلْفَ سَنَةٍ ٤

फ़रिश्ते और रूह[2] उसकी ओर चढ़ेंगे, एक ऐसे दिन में जिसकी मात्रा पचास हज़ार वर्ष है।

टिप्पणियाँ

[2] रूह़ से अभिप्राय फ़रिश्ता जिबरील (अलैहिस्सलाम) हैं।

فَٱصْبِرْ صَبْرًا جَمِيلًا ٥

अतः (ऐ नबी!) आप अच्छे धैर्य से काम लें।

إِنَّهُمْ يَرَوْنَهُۥ بَعِيدًا ٦

निःसंदेह वे उसे दूर समझ रहे हैं।

وَنَرَىٰهُ قَرِيبًا ٧

और हम उसे निकट देख रहे हैं।

يَوْمَ تَكُونُ ٱلسَّمَآءُ كَٱلْمُهْلِ ٨

जिस दिन आकाश पिघली हुई धातु के समान हो जाएगा।

وَتَكُونُ ٱلْجِبَالُ كَٱلْعِهْنِ ٩

और पर्वत धुने हुए ऊन के समान हो जाएँगे।[3]

टिप्पणियाँ

[3] देखिए : सूरतुल-क़ारिआ।

وَلَا يَسْـَٔلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا ١٠

और कोई मित्र किसी मित्र को नहीं पूछेगा।

يُبَصَّرُونَهُمْ يَوَدُّ ٱلْمُجْرِمُ لَوْ يَفْتَدِى مِنْ عَذَابِ يَوْمِئِذٍۭ بِبَنِيهِ ١١

हालाँकि वे उन्हें दिखाए जा रहे होंगे। अपराधी चाहेगा कि काश उस दिन की यातना से बचने के लिए छुड़ौती में दे दे अपने बेटों को।

وَصَٰحِبَتِهِۦ وَأَخِيهِ ١٢

तथा अपनी पत्नी और अपने भाई को।

وَفَصِيلَتِهِ ٱلَّتِى تُـْٔوِيهِ ١٣

तथा अपने परिवार (कुटुंब) को, जो उसे शरण देता था।

وَمَن فِى ٱلْأَرْضِ جَمِيعًا ثُمَّ يُنجِيهِ ١٤

और उन सभी लोगों[4] को जो धरती में हैं। फिर अपने आपको बचा ले।

टिप्पणियाँ

[4] ह़दीस में है कि जिस नारकी को सबसे सरल यातना दी जाएगी, उससे अल्लाह कहेगा : क्या धरती का सब कुछ तुम्हें मिल जाए तो उसे इसके दंड में दे दोगे? वह कहेगा : हाँ। अल्लाह कहेगा : तुम आदम की पीठ में थे, तो मैंने तुमसे इससे सरल की माँग की थी कि मेरा किसी को साझी न बनाना, पर तुमने इनकार किया और शिर्क किया। (सह़ीह़ बुख़ारी : 6557, सह़ीह़ मुस्लिम : 2805)

كَلَّآ إِنَّهَا لَظَىٰ ١٥

कदापि नहीं! निःसंदेह वह (जहन्नम) भड़कने वाली आग है।

نَزَّاعَةً لِّلشَّوَىٰ ١٦

जो खाल उधेड़ देने वाली है।

تَدْعُوا۟ مَنْ أَدْبَرَ وَتَوَلَّىٰ ١٧

वह उसे पुकारेगी, जिसने पीठ फेरी[5] और मुँह मोड़ा।

टिप्पणियाँ

[5] अर्थात सत्य से।

وَجَمَعَ فَأَوْعَىٰٓ ١٨

तथा (धन) एकत्र किया और संभाल कर रखा।

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ خُلِقَ هَلُوعًا ١٩

निःसंदेह मनुष्य बहुत अधीर बनाया गया है।

إِذَا مَسَّهُ ٱلشَّرُّ جَزُوعًا ٢٠

जब उसे कष्ट पहुँचता है, तो बहुत घबरा जाने वाला है।

وَإِذَا مَسَّهُ ٱلْخَيْرُ مَنُوعًا ٢١

और जब उसे भलाई मिलती है, तो बहुत रोकने वाला है।

إِلَّا ٱلْمُصَلِّينَ ٢٢

सिवाय नमाज़ियों के।

ٱلَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَاتِهِمْ دَآئِمُونَ ٢٣

जो हमेशा अपनी नमाज़ों की पाबंदी करते हैं।

وَٱلَّذِينَ فِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّ مَّعْلُومٌ ٢٤

और जिनके धन में एक निश्चित भाग है।

لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ ٢٥

माँगने वाले तथा वंचित[6] के लिए।

टिप्पणियाँ

[6] अर्थात जो न माँगने के कारण वंचित रह जाता है।

وَٱلَّذِينَ يُصَدِّقُونَ بِيَوْمِ ٱلدِّينِ ٢٦

और जो बदले के दिन को सत्य मानते हैं।

وَٱلَّذِينَ هُم مِّنْ عَذَابِ رَبِّهِم مُّشْفِقُونَ ٢٧

और जो अपने पालनहार की यातना से डरने वाले हैं।

إِنَّ عَذَابَ رَبِّهِمْ غَيْرُ مَأْمُونٍ ٢٨

निश्चय उनके पालनहार की यातना ऐसी चीज़ है, जिससे निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता।

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِفُرُوجِهِمْ حَٰفِظُونَ ٢٩

और जो अपने गुप्तांगों की रक्षा करते हैं।

إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ ٣٠

सिवाय अपनी पत्नियों से या अपने स्वामित्व में आई दासियों[7] से, तो निश्चय वे निंदनीय नहीं हैं।

टिप्पणियाँ

[7] इस्लाम में उसी दासी से संभोग उचित है जिसे सेनापति ने ग़नीमत के दूसरे धनों के समान किसी मुजाहिद के स्वामित्व में दे दिया हो। इससे पूर्व किसी बंदी स्त्री से संभोग पाप तथा व्यभिचार है। और उससे संभोग भी उस समय वैध है जब उसे एक बार मासिक धर्म आ जाए। अथवा गर्भवती हो, तो प्रसव के पश्चात् ही संभोग किया जा सकता है। इसी प्रकार जिसके स्वामित्व में आई हो, उसके सिवा और कोई उससे संभोग नहीं कर सकता।

فَمَنِ ٱبْتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْعَادُونَ ٣١

फिर जो इसके अलावा कुछ और चाहे, तो ऐसे ही लोग सीमा का उल्लंघन करने वाले हैं।

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِأَمَٰنَٰتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَٰعُونَ ٣٢

और जो अपनी अमानतों तथा अपनी प्रतिज्ञा का ध्यान रखने वाले हैं।

وَٱلَّذِينَ هُم بِشَهَٰدَٰتِهِمْ قَآئِمُونَ ٣٣

और जो अपनी गवाहियों पर क़ायम रहने वाले हैं।

وَٱلَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ ٣٤

तथा जो अपनी नमाज़ की रक्षा करते हैं।

أُو۟لَٰٓئِكَ فِى جَنَّٰتٍ مُّكْرَمُونَ ٣٥

वही लोग जन्नतों में सम्मानित होंगे।

فَمَالِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ قِبَلَكَ مُهْطِعِينَ ٣٦

फिर इन काफ़िरों को क्या हुआ है कि वे आपकी ओर दौड़े चले आ रहे है?

عَنِ ٱلْيَمِينِ وَعَنِ ٱلشِّمَالِ عِزِينَ ٣٧

दाएँ से और बाएँ से समूह के समूह।[8]

टिप्पणियाँ

[8] अर्थात जब आप क़ुरआन सुनाते हैं, तो उसका उपहास करने के लिए समूहों में होकर आ जाते हैं। और इनका दावा यह है कि स्वर्ग में जाएँगे।

أَيَطْمَعُ كُلُّ ٱمْرِئٍ مِّنْهُمْ أَن يُدْخَلَ جَنَّةَ نَعِيمٍ ٣٨

क्या उनमें से प्रत्येक व्यक्ति यह लालच रखता है कि उसे नेमत वाली जन्नत में दाखिल किया जाएगा?

كَلَّآ إِنَّا خَلَقْنَٰهُم مِّمَّا يَعْلَمُونَ ٣٩

कदापि नहीं, निश्चय हमने उन्हें उस चीज़[9] से पैदा किया है, जिसे वे जानते हैं।

टिप्पणियाँ

[9] अर्थात हीन जल (वीर्य) से। फिर भी घमंड करते हैं, तथा अल्लाह और उसके रसूल को नहीं मानते।

فَلَآ أُقْسِمُ بِرَبِّ ٱلْمَشَٰرِقِ وَٱلْمَغَٰرِبِ إِنَّا لَقَٰدِرُونَ ٤٠

तो मैं क़सम खाता हूँ पूर्वों (सूर्योदय के स्थानों) तथा पश्चिमों (सूर्यास्त के स्थानों) के रब की! निश्चय हम सक्षम हैं।

عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ خَيْرًا مِّنْهُمْ وَمَا نَحْنُ بِمَسْبُوقِينَ ٤١

कि उनके स्थान पर उनसे उत्तम लोग ले आएँ तथा हम विवश नहीं हैं।

فَذَرْهُمْ يَخُوضُوا۟ وَيَلْعَبُوا۟ حَتَّىٰ يُلَٰقُوا۟ يَوْمَهُمُ ٱلَّذِى يُوعَدُونَ ٤٢

अतः आप उन्हें छोड़ दें कि वे व्यर्थ की बातों में लगे रहें तथा खेलते रहें, यहाँ तक कि उनका सामना उनके उस दिन से हो जाए, जिसका उनसे वादा किया जाता है।

يَوْمَ يَخْرُجُونَ مِنَ ٱلْأَجْدَاثِ سِرَاعًا كَأَنَّهُمْ إِلَىٰ نُصُبٍ يُوفِضُونَ ٤٣

जिस दिन वे क़ब्रों से तेज़ी से बाहर निकलेंगे, जैसे कि वे किसी निशान की ओर[10] दौड़े जा रहे हैं।

टिप्पणियाँ

[10] या उनके थानों की ओर। क्योंकि संसार में वे सूर्योदय के समय बड़ी तीव्र गति से अपनी मूर्तियों की ओर दौड़ते थे।

خَٰشِعَةً أَبْصَٰرُهُمْ تَرْهَقُهُمْ ذِلَّةٌ ذَٰلِكَ ٱلْيَوْمُ ٱلَّذِى كَانُوا۟ يُوعَدُونَ ٤٤

उनकी निगाहें झुकी होंगी, उनपर अपमान छाया होगा। यही वह दिन है जिसका उनसे वादा किया[11] जाता था।

टिप्पणियाँ

[11] अर्थात रसूलों की ज़बानी तथा आकाशीय पुस्तकों के माध्यम से।

ऑनलाइन क़ुरआन पढ़ने के बारे में सवाल

क्या सूरह Al-Ma'arij मक्की है या मदनी?

इस रीडर के डेटा (Tanzil) में सूरह Al-Ma'arij को मक्की माना गया है।

सूरह Al-Ma'arij से पहले और बाद में कौन-सी सूरतें आती हैं?

यह Al-Haqqah के बाद और Nuh से पहले आती है।

क्या मैं सूरह Al-Ma'arij अपनी भाषा में पढ़ सकता हूँ?

जी हाँ। पाठ के ऊपर से 81 भाषाओं के 130 अनुवादों में से कोई चुनें, या सिर्फ़ अरबी पाठ पढ़ें।

क्या मैं सूरह Al-Ma'arij सुन सकता हूँ?

जी हाँ। आयत-दर-आयत सुनने के लिए «सूरह सुनें» दबाएँ, या किसी आयत के पास प्ले बटन। 50 क़ारियों में से किसी एक को चुनें; रिकॉर्डिंग EveryAyah.com से तभी स्ट्रीम होती है जब आप प्ले दबाते हैं।

अरबी पाठ: Tanzil Project (tanzil.net), ज्यों का त्यों। अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari (QuranEnc.com, version 1.1.5), बिना किसी बदलाव के। डेटा: quran-json (CC BY-SA 4.0). तिलावतें: EveryAyah.com (सिर्फ़ तब स्ट्रीम होती हैं जब आप प्ले दबाते हैं)। स्रोत और लाइसेंस