रुकूअ की दुआ (5 में से 2)
रुकूअ की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“रुकूअ की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “रुकूअ की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 5 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānaka Allāhumma Rabbanā wa biḥamdika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है”। स्रोत: Al-Bukhari 1/99, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
रुकूअ की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Subḥānaka Allāhumma Rabbanā wa biḥamdika Allāhum-maghfir lī.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है। ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “रुकूअ की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 1/99।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“रुकूअ की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “रुकूअ की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 5 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānaka Allāhumma Rabbanā wa biḥamdika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है”। स्रोत: Al-Bukhari 1/99, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“रुकूअ की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है। ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे।
“रुकूअ की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānaka Allāhumma Rabbanā wa biḥamdika Allāhum-maghfir lī.
“रुकूअ की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Bukhari 1/99। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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