बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ

बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ। नवजात, नवविवाहित, बच्चों की हिफ़ाज़त।

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “U`īthukumā bikalimāti ‘llāhit-tāmmati”, और इसका अर्थ है: “मैं तुम्हें हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से”। स्रोत: Al-Bukhari 4/119, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ: अरबी पाठ

كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يعوذ الحسن والحسين« أعيذكما بكلمات الله التامة،من كل شيطان وهامة،ومن كل عينِ لامة »

उच्चारण (लिप्यंतरण)

The Prophet (ﷺ) used to seek Allah's protection for Al-Hasan and Al-Husain by saying: U`īthukumā bikalimāti ‘llāhit-tāmmati min kulli shayṭānin wa hāmmah, wa min kulli `aynin lāmmah

हिंदी अर्थ

मैं तुम्हें हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से, और हर बुरी नज़र लगाने वाली आँख से अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह में देता हूँ।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 4/119।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “U`īthukumā bikalimāti ‘llāhit-tāmmati”, और इसका अर्थ है: “मैं तुम्हें हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से”। स्रोत: Al-Bukhari 4/119, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

मैं तुम्हें हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से, और हर बुरी नज़र लगाने वाली आँख से अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह में देता हूँ।

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): U`īthukumā bikalimāti ‘llāhit-tāmmati min kulli shayṭānin wa hāmmah, wa min kulli `aynin lāmmah

“बच्चों को अल्लाह की पनाह में देने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 4/119। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: परिवार, निकाह और बच्चे · सभी दुआएँ