सूरह Al-Inshiqaq الإنشقاق

25 आयतें · मक्की

सूरह Al-Inshiqaq में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Inshiqaq क़ुरआन की 114 सूरतों में 84वीं सूरह है और इसमें 25 आयतें हैं। इसे मक्की माना जाता है।

सूरह का क्रम
84 / 114
आयतें
25
वर्गीकरण
मक्की

29 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया. Tanzil Project (tanzil.net), quran-json.

यह सूरह किताब में पढ़ें →

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتْ ١

जब आकाश फट जाएगा।

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ٢

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।

وَإِذَا ٱلْأَرْضُ مُدَّتْ ٣

तथा जब धरती फैला दी जाएगी।

وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ ٤

और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ٥

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।[1]

टिप्पणियाँ

[1] (1-5) इन आयतों में प्रलय के समय आकाश एवं धरती में जो हलचल होगी उसका चित्रण करते हुए यह बताया गया है कि इस ब्रह्मांड के विधाता के आज्ञानुसार ये आकाश और धरती कार्यरत हैं और प्रलय के समय भी उसी की आज्ञा का पालन करेंगे। धरती को फैलाने का अर्थ यह है कि पर्वत आदि खंड-खंड होकर समस्त भूमि चौरस कर दी जाएगी।

يَٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَٰقِيهِ ٦

ऐ इनसान! निःसंदेह तू कठिन परिश्रम करते-करते अपने पालनहार की ओर जाने वाला है, फिर तू उससे मिलने वाला है।

فَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ ٧

फिर जिस व्यक्ति को उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया।

فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا ٨

तो उसका आसान हिसाब लिया जाएगा।

وَيَنقَلِبُ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا ٩

तथा वह अपने लोगों की ओर ख़ुश-ख़ुश लौटेगा।

وَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهْرِهِۦ ١٠

और लेकिन जिसे उसका कर्मपत्र उसकी पीठ के पीछे दिया गया।

فَسَوْفَ يَدْعُوا۟ ثُبُورًا ١١

तो वह विनाश को पुकारेगा।

وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا ١٢

तथा जहन्नम में प्रवेश करेगा।

إِنَّهُۥ كَانَ فِىٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا ١٣

निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।

إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ ١٤

निश्चय उसने समझा था कि वह कभी (अल्लाह की ओर) वापस नहीं लौटेगा।

بَلَىٰٓ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرًا ١٥

क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।[2]

टिप्पणियाँ

[2] (6-15) इन आयतों में इनसान को सावधान किया गया है कि तुझे भी अपने पालनहार से मिलना है। और धीरे-धीरे उसी की ओर जा रहा है। वहाँ अपने कर्मानुसार जिसे दाएँ हाथ में कर्म-पत्र मिलेगा, वह अपनों से प्रसन्न होकर मिलेगा। और जिसको बाएँ हाथ में कर्म-पत्र दिया जाएगा, तो वह विनाश को पुकारेगा। यह वही होगा जिसने माया मोह में क़ुरआन को नकार दिया था। और सोचा कि इस सांसारिक जीवन के पश्चात कोई जीवन नहीं आएगा।

فَلَآ أُقْسِمُ بِٱلشَّفَقِ ١٦

मैं क़सम खाता हूँ शफ़क़ (सूर्यास्त के बाद की लाली) की।

وَٱلَّيْلِ وَمَا وَسَقَ ١٧

तथा रात की और उसकी जो कुछ वह एकत्रित करती है!

وَٱلْقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ ١٨

तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।

لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ ١٩

तुम अवश्य एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे।

فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ ٢٠

फिर उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते?

وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ ٱلْقُرْءَانُ لَا يَسْجُدُونَ ٢١

और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो सजदा नहीं करते।[3]

टिप्पणियाँ

[3] (16-21) इन आयतों में ब्रह्मांड के कुछ लक्षणों को साक्ष्य स्वरूप प्रस्तुत करके सावधान किया गया है कि जिस प्रकार यह ब्रह्मांड तीन स्थितियों से गुज़रता है, उसी प्रकार तुम्हें भी तीन स्थितियों से गुज़रना है : सांसारिक जीवन, फिर मरण, फिर परलोक का स्थायी जीवन जिसका सुख-दुख सांसारिक कर्मों के आधार पर होगा।

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يُكَذِّبُونَ ٢٢

बल्कि जिन्होंने कुफ़्र किया, वे (उसे) झुठलाते हैं।

وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ ٢٣

और अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है जो कुछ वे अपने भीतर रखते हैं।

فَبَشِّرْهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ ٢٤

अतः उन्हें एक दर्दनाक यातना की शुभ सूचना दे दो।

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۭ ٢٥

परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए कभी न समाप्त होने वाला बदला है।[4]

टिप्पणियाँ

[4] (22-25) इन आयतों में उनके लिए चेतावनी है, जो इन स्वभाविक साक्ष्यों के होते हुए क़ुरआन को न मानने पर अड़े हुए हैं। और उनके लिए शुभ सूचना है जो इसे मानकर विश्वास (ईमान) तथा सुकर्म की राह पर अग्रसर हैं।

ऑनलाइन क़ुरआन पढ़ने के बारे में सवाल

क्या सूरह Al-Inshiqaq मक्की है या मदनी?

इस रीडर के डेटा (Tanzil) में सूरह Al-Inshiqaq को मक्की माना गया है।

सूरह Al-Inshiqaq से पहले और बाद में कौन-सी सूरतें आती हैं?

यह Al-Mutaffifin के बाद और Al-Buruj से पहले आती है।

क्या मैं सूरह Al-Inshiqaq अपनी भाषा में पढ़ सकता हूँ?

जी हाँ। पाठ के ऊपर से 81 भाषाओं के 130 अनुवादों में से कोई चुनें, या सिर्फ़ अरबी पाठ पढ़ें।

क्या मैं सूरह Al-Inshiqaq सुन सकता हूँ?

जी हाँ। आयत-दर-आयत सुनने के लिए «सूरह सुनें» दबाएँ, या किसी आयत के पास प्ले बटन। 50 क़ारियों में से किसी एक को चुनें; रिकॉर्डिंग EveryAyah.com से तभी स्ट्रीम होती है जब आप प्ले दबाते हैं।

अरबी पाठ: Tanzil Project (tanzil.net), ज्यों का त्यों। अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari (QuranEnc.com, version 1.1.5), बिना किसी बदलाव के। डेटा: quran-json (CC BY-SA 4.0). तिलावतें: EveryAyah.com (सिर्फ़ तब स्ट्रीम होती हैं जब आप प्ले दबाते हैं)। स्रोत और लाइसेंस