सज्दे की दुआ (7 में से 6)

सज्दे की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“सज्दे की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सज्दे की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 7 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir lī dhanbī kullahu”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मेरे सारे गुनाह बख़्श दे”। स्रोत: Muslim 1/350, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

सज्दे की दुआ: अरबी पाठ

اللّهُمَّ اغْفِرْ لي ذَنْبي كُلَّه،دِقَّهُ وَجِلَّه،وَأَوَّلَهُ وَآخِرَه،وَعَلانِيَّتَهُ وَسِرَّه

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma’ghfir lī dhanbī kullahu, diqqahu wa jillahu, wa awwalahu wa ākhirahu wa `alāniyyatahu wa sirrahu.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मेरे सारे गुनाह बख़्श दे, छोटे और बड़े, पहले और बाद के, ज़ाहिर और पोशीदा।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “सज्दे की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/350।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“सज्दे की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सज्दे की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 7 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir lī dhanbī kullahu”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मेरे सारे गुनाह बख़्श दे”। स्रोत: Muslim 1/350, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“सज्दे की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मेरे सारे गुनाह बख़्श दे, छोटे और बड़े, पहले और बाद के, ज़ाहिर और पोशीदा।

“सज्दे की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma’ghfir lī dhanbī kullahu, diqqahu wa jillahu, wa awwalahu wa ākhirahu wa `alāniyyatahu wa sirrahu.

“सज्दे की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 1/350। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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