घर से निकलने की दुआ (2 में से 1)

घर से निकलने की दुआ। लिबास, बैतुल-खला, वुज़ू, घर आना-जाना।

“घर से निकलने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “घर से निकलने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Bismillāhi, tawakkaltu `alallāhi”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया”। स्रोत: Abu Dawud 4/325, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

घर से निकलने की दुआ: अरबी पाठ

بِسْمِ اللهِ، تَوَكَّلْتُ عَلى اللهِوَلا حَوْلَ وَلا قُوَّةَ إِلاّ بِالله

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Bismillāhi, tawakkaltu `alallāhi, wa lā ḥawla wa lā quwwata illā billāh.

हिंदी अर्थ

अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “घर से निकलने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 4/325।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“घर से निकलने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “घर से निकलने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Bismillāhi, tawakkaltu `alallāhi”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया”। स्रोत: Abu Dawud 4/325, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“घर से निकलने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।

“घर से निकलने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Bismillāhi, tawakkaltu `alallāhi, wa lā ḥawla wa lā quwwata illā billāh.

“घर से निकलने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Abu Dawud 4/325। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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