वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ (3 में से 1)

वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ। लिबास, बैतुल-खला, वुज़ू, घर आना-जाना।

“वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “'Ash-hadu 'an lā 'ilāha 'illallāhu”, और इसका अर्थ है: “मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह अकेले के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं”। स्रोत: Muslim 1/209, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ: अरबी पाठ

أَشْهَدُ أَنْ لا إِلَهَ إِلاّ اللهُوَحْدَهُ لا شَريكَ لَهُوَأَشْهَدُأَنَّ مُحَمّداً عَبْدُهُ وَرَسولُه

उच्चारण (लिप्यंतरण)

'Ash-hadu 'an lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu lā sharīka lahu wa 'ash-hadu 'anna Muḥammadan `abduhu wa Rasūluhu.

हिंदी अर्थ

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह अकेले के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, उसका कोई साझी नहीं; और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद ﷺ उसके बंदे और उसके रसूल हैं।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/209।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “'Ash-hadu 'an lā 'ilāha 'illallāhu”, और इसका अर्थ है: “मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह अकेले के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं”। स्रोत: Muslim 1/209, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह अकेले के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, उसका कोई साझी नहीं; और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद ﷺ उसके बंदे और उसके रसूल हैं।

“वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): 'Ash-hadu 'an lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu lā sharīka lahu wa 'ash-hadu 'anna Muḥammadan `abduhu wa Rasūluhu.

“वुज़ू पूरा करने के बाद की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 1/209। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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