रमज़ान की शुरुआत शुभकामना कार्ड
संदेश लिखें, अपना शहर जोड़ें और रमज़ान की शुरुआत के लिए बना कार्ड साझा करें। मुफ़्त, बिना खाते के, कुछ भी सहेजा नहीं जाता।
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कृपया संदेश से लिंक, ईमेल पते या फ़ोन नंबर हटाएँ।
संदेश के लिए विचार
अपना कार्ड भेजें
आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं। Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।
रमज़ान की शुरुआत क्या है और कब है?
सुन्नी: रोज़ों का पहला दिन, रमज़ान का चाँद दिखने पर निर्भर।
शिया: रोज़ों का महीना शुरू होता है।
अगला मौक़ा (रमज़ान की शुरुआत) सोमवार, 8 फ़रवरी 2027 (1 रमज़ान 1448 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।
रमज़ान की शुरुआत पर क्या लिखें?
दुआ और बरकत की कामना सबसे अच्छी मुबारकबाद है। इस दिन के पारंपरिक अरबी शब्द हैं: “رمضان مبارك”।
कार्ड कैसे भेजें
- मौक़ा चुनें और अपना संदेश लिखें।
- नाम जोड़ें और अपना शहर चुनें।
- अपने कार्ड का पूर्वावलोकन देखें।
- कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ, या तस्वीर डाउनलोड करें।
रमज़ान की शुरुआत कार्ड के बारे में सवाल
रमज़ान की शुरुआत कार्ड कैसे भेजें?
फ़ॉर्म में संदेश लिखें, अपना शहर चुनें और कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ। फ़ोन पर ऐप आपके तैयार कार्ड के साथ खुल जाता है।
क्या रमज़ान की शुरुआत कार्ड मुफ़्त है? क्या खाता चाहिए?
यह मुफ़्त है और खाता नहीं चाहिए। आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं; Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।
रमज़ान की शुरुआत पर सही मुबारकबाद क्या है?
दुआ और बरकत की कामना सबसे अच्छी मुबारकबाद है। इस दिन के पारंपरिक अरबी शब्द हैं: “رمضان مبارك”।
रमज़ान की शुरुआत कब है?
अगला मौक़ा (रमज़ान की शुरुआत) सोमवार, 8 फ़रवरी 2027 (1 रमज़ान 1448 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।
क्या मैं कार्ड दूसरी भाषा में बना सकता हूँ?
जी हाँ। फ़ॉर्म में कार्ड की भाषा चुनें: कार्ड का पाठ साइट की 13 भाषाओं में उपलब्ध है और अरबी ख़ुशख़ती वही रहती है।
क्या सुन्नी और शिया मौक़ों के कार्ड अलग हैं?
जी हाँ। हर मौक़ा सुन्नी या शिया कैलेंडर के अनुसार है। ख़ुशी के दिनों में मुबारकबाद दी जाती है, और याद या शोक के दिनों में “मुबारक” की जगह सलाम और संवेदना के शब्द लिखे जाते हैं।