पैग़म्बर की हिजरत शुभकामना कार्ड
संदेश लिखें, अपना शहर जोड़ें और पैग़म्बर की हिजरत के लिए बना कार्ड साझा करें। मुफ़्त, बिना खाते के, कुछ भी सहेजा नहीं जाता।
अपना कार्ड बनाएँ
कृपया संदेश से लिंक, ईमेल पते या फ़ोन नंबर हटाएँ।
संदेश के लिए विचार
अपना कार्ड भेजें
आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं। Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।
पैग़म्बर की हिजरत क्या है और कब है?
पैग़म्बर का मक्का से मदीना की ओर हिजरत करना, वह घटना जिससे हिजरी कैलेंडर गिना जाता है।
अगला मौक़ा (पैग़म्बर की हिजरत) मंगलवार, 3 अगस्त 2027 (1 रबीउल अव्वल 1449 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।
पैग़म्बर की हिजरत पर क्या लिखें?
चिंतन भरा शांत संदेश और एक दुआ उचित है। पारंपरिक अरबी शब्द हैं: “تقبّل الله منا ومنكم”।
कार्ड कैसे भेजें
- मौक़ा चुनें और अपना संदेश लिखें।
- नाम जोड़ें और अपना शहर चुनें।
- अपने कार्ड का पूर्वावलोकन देखें।
- कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ, या तस्वीर डाउनलोड करें।
पैग़म्बर की हिजरत कार्ड के बारे में सवाल
पैग़म्बर की हिजरत कार्ड कैसे भेजें?
फ़ॉर्म में संदेश लिखें, अपना शहर चुनें और कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ। फ़ोन पर ऐप आपके तैयार कार्ड के साथ खुल जाता है।
क्या पैग़म्बर की हिजरत कार्ड मुफ़्त है? क्या खाता चाहिए?
यह मुफ़्त है और खाता नहीं चाहिए। आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं; Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।
पैग़म्बर की हिजरत पर सही मुबारकबाद क्या है?
चिंतन भरा शांत संदेश और एक दुआ उचित है। पारंपरिक अरबी शब्द हैं: “تقبّل الله منا ومنكم”।
पैग़म्बर की हिजरत कब है?
अगला मौक़ा (पैग़म्बर की हिजरत) मंगलवार, 3 अगस्त 2027 (1 रबीउल अव्वल 1449 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।
क्या मैं कार्ड दूसरी भाषा में बना सकता हूँ?
जी हाँ। फ़ॉर्म में कार्ड की भाषा चुनें: कार्ड का पाठ साइट की 13 भाषाओं में उपलब्ध है और अरबी ख़ुशख़ती वही रहती है।
क्या सुन्नी और शिया मौक़ों के कार्ड अलग हैं?
जी हाँ। हर मौक़ा सुन्नी या शिया कैलेंडर के अनुसार है। ख़ुशी के दिनों में मुबारकबाद दी जाती है, और याद या शोक के दिनों में “मुबारक” की जगह सलाम और संवेदना के शब्द लिखे जाते हैं।