आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत शुभकामना कार्ड

संदेश लिखें, अपना शहर जोड़ें और आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत के लिए बना कार्ड साझा करें। मुफ़्त, बिना खाते के, कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

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अपना कार्ड भेजें

आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं। Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत क्या है और कब है?

मुहर्रम की दसवीं तारीख़, जब 61 हिजरी में कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथी शहीद हुए; शिया ग़म का सबसे अहम दिन।

अगला मौक़ा (आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत) मंगलवार, 15 जून 2027 (10 मुहर्रम 1449 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत पर क्या लिखें?

मुबारकबाद नहीं, संवेदना व्यक्त करें। प्रचलित अरबी शब्द हैं: “السلام على الحسين”।

कार्ड कैसे भेजें

  1. मौक़ा चुनें और अपना संदेश लिखें।
  2. नाम जोड़ें और अपना शहर चुनें।
  3. अपने कार्ड का पूर्वावलोकन देखें।
  4. कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ, या तस्वीर डाउनलोड करें।

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत कार्ड के बारे में सवाल

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत कार्ड कैसे भेजें?

फ़ॉर्म में संदेश लिखें, अपना शहर चुनें और कार्ड साझा करें, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल या एसएमएस दबाएँ। फ़ोन पर ऐप आपके तैयार कार्ड के साथ खुल जाता है।

क्या आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत कार्ड मुफ़्त है? क्या खाता चाहिए?

यह मुफ़्त है और खाता नहीं चाहिए। आपके नाम और संदेश लिंक के भीतर चलते हैं और आपके ब्राउज़र में रहते हैं; Awqatly उन्हें प्राप्त या सहेजता नहीं है।

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत पर सही मुबारकबाद क्या है?

मुबारकबाद नहीं, संवेदना व्यक्त करें। प्रचलित अरबी शब्द हैं: “السلام على الحسين”।

आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत कब है?

अगला मौक़ा (आशूरा: इमाम हुसैन की शहादत) मंगलवार, 15 जून 2027 (10 मुहर्रम 1449 हि.) को है। तारीख़ें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं और जहाँ स्थानीय चाँद देखने का पालन होता है वहाँ एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।

क्या मैं कार्ड दूसरी भाषा में बना सकता हूँ?

जी हाँ। फ़ॉर्म में कार्ड की भाषा चुनें: कार्ड का पाठ साइट की 13 भाषाओं में उपलब्ध है और अरबी ख़ुशख़ती वही रहती है।

क्या सुन्नी और शिया मौक़ों के कार्ड अलग हैं?

जी हाँ। हर मौक़ा सुन्नी या शिया कैलेंडर के अनुसार है। ख़ुशी के दिनों में मुबारकबाद दी जाती है, और याद या शोक के दिनों में “मुबारक” की जगह सलाम और संवेदना के शब्द लिखे जाते हैं।

हर मौक़े के लिए इस्लामी शुभकामना कार्ड